Gold Silver Price 2026: : भारतीय सर्राफा बाजार से आज एक बड़ी राहत वाली खबर सामने आई है। पिछले कई दिनों से रिकॉर्ड ऊंचाइयों को छू रहे सोने और चांदी के दाम आज औंधे मुंह गिर गए हैं। यदि आप भी शादी-ब्याह के लिए आभूषण खरीदने का मन बना रहे हैं या निवेश की योजना बना रहे हैं, तो यह आपके लिए खरीदारी का सबसे सटीक समय हो सकता है। वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती के चलते भारतीय बाजारों में कीमतों पर भारी दबाव देखा जा रहा है।
1. सोने की कीमतों में बड़ी कटौती
‘इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन’ (IBJA) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, आज सोने की कीमतों में प्रति 10 ग्राम ₹450 से ₹550 तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
- 24 कैरेट (शुद्ध सोना): आज इसकी कीमतें गिरकर ₹1,54,800 – ₹1,55,300 प्रति 10 ग्राम के दायरे में आ गई हैं।
- 22 कैरेट (जेवराती सोना): आभूषण बनाने वाले सोने के दाम भी घटकर ₹1,41,600 – ₹1,42,400 के स्तर पर पहुंच गए हैं। (नोट: स्थानीय करों और मेकिंग चार्जेस के कारण अलग-अलग शहरों में कीमतों में मामूली अंतर हो सकता है।)
2. चांदी भी हुई सस्ती
चांदी की कीमतों में भी आज गिरावट का रुख बना हुआ है। चांदी के भाव आज ₹2,38,000 प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार कर रहे हैं। पिछले हफ्ते की तुलना में चांदी की कीमतों में भी अच्छी खासी गिरावट देखी गई है, जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिली है।
3. आखिर क्यों गिर रहे हैं दाम?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस अचानक आई मंदी के पीछे प्रमुख आर्थिक कारण जिम्मेदार हैं:
- डॉलर की मजबूती: अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से सोने की मांग में कमी आई है।
- मुनाफावसूली: निवेशकों द्वारा ऊंचे दामों पर सोने की बिक्री (Profit Booking) करने से बाजार में सप्लाई बढ़ी है और कीमतें नीचे आई हैं।
- ब्याज दरों के संकेत: केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों को लेकर दिए गए संकेतों ने भी सर्राफा बाजार को प्रभावित किया है।
4. खरीदारों और निवेशकों के लिए विशेषज्ञों की सलाह
शादियों का सीजन शुरू होने वाला है, ऐसे में मांग बढ़ने पर कीमतें फिर से बढ़ सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान गिरावट का लाभ उठाकर ग्राहकों को अपनी खरीदारी पूरी कर लेनी चाहिए।
जरूरी बात: सोना खरीदते समय हमेशा उसकी शुद्धता की जांच करें। केवल BIS हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें ताकि आपको भविष्य में इसकी सही कीमत मिल सके।
5. आगामी हफ्तों का अनुमान
आने वाले हफ्तों में कीमतों का रुख काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता पर निर्भर करेगा। यदि वैश्विक स्तर पर तनाव कम होता है और रुपया स्थिर रहता है, तो कीमतों में और गिरावट की संभावना बनी रह सकती है।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई कीमतें सांकेतिक हैं और इनमें जीएसटी (GST) व मेकिंग चार्ज शामिल नहीं है। सटीक भाव के लिए अपने स्थानीय जौहरी से संपर्क करें।