Weather Today Update: उत्तर और मध्य भारत के मौसम में एक बार फिर बड़ा उलटफेर होने वाला है। कड़ाके की ठंड के बीच अब चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ और सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ने मौसम विभाग की चिंता बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में देश के 25 राज्यों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की गंभीर चेतावनी जारी की है।
चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ का प्रभाव
मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार, चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ अपनी सक्रियता बढ़ा रहा है। इस तूफान के कारण न केवल तटीय क्षेत्रों में बल्कि उत्तर भारत के मैदानी इलाकों और मध्य भारत के हिस्सों में भी मध्यम से भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।
- तापमान में गिरावट: बारिश के कारण शीतलहर का प्रकोप दोबारा शुरू हो सकता है, जिससे ठिठुरन और अधिक बढ़ जाएगी।
- लंबी खिंचेगी ठंड: विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के बार-बार सक्रिय होने से हवा में नमी बनी रहेगी, जिससे मार्च के महीने तक रुक-रुक कर ठंड का अहसास होता रहेगा।
इन राज्यों में जारी हुआ ‘येलो’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट
चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ के दोहरे प्रभाव के कारण निम्नलिखित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है:
- उत्तर भारत: पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, और उत्तर प्रदेश।
- मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के कुछ हिस्से।
- पहाड़ी क्षेत्र: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बर्फबारी की चेतावनी।
किसानों के लिए विशेष सलाह
भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है:
- तैयार फसल: यदि फसल कटाई के लिए तैयार है, तो उसे सुरक्षित स्थान पर रखें।
- सिंचाई: अगले कुछ दिनों तक खेतों में सिंचाई और कीटनाशकों के छिड़काव से बचें।
- पशुधन: मवेशियों को सुरक्षित और ढके हुए स्थानों पर रखें।
यातायात और जनजीवन पर असर
मौसम में इस अचानक बदलाव के कारण कोहरा और बारिश यातायात को प्रभावित कर सकती है।
- यात्रियों के लिए सुझाव: उड़ानों और ट्रेनों की स्थिति की जांच करके ही घर से निकलें।
- सड़क सुरक्षा: कोहरे और गीली सड़कों के कारण वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें।
निष्कर्ष
चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ 2026 की शुरुआत का एक बड़ा मौसमी संकट बनकर उभर रहा है। अचानक बदलते मौसम के कारण स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें, क्योंकि तापमान में उतार-चढ़ाव से वायरल बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
अस्वीकरण: यह जानकारी मौसम विभाग के वर्तमान अनुमानों पर आधारित है। मौसम की स्थिति पल-पल बदल सकती है, इसलिए स्थानीय प्रशासन और IMD के ताजा बुलेटिन पर नजर बनाए रखें।